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Accounting in Hindi

एकाउंटिंग क्या है? What is accounting in Hindi?

एकाउंटिंग क्या है और उसका महत्व!

एकाउंटिंग क्या है? (What is accounting in HIndi)

Accounting ko हिंदी mein लेखांकन kaha jata है। ये process होता है जो की Financial Aspects (वित्तीय पहलुओ) को record रखता है। Accounting का process किसी भी organization या business में हो रहे financial transactions के बारे में लिखित रूप में जानकारी रखता है।

Accounting में जितना विज्ञान है उतना ही कला भी। ये पैसों के लेनदेन को रिकॉर्ड करता है, वर्गीकृत यानि क्लासिफ़ाइ करते है, और उनके सारांश तैयार करके उनको इस प्रकार प्रस्तुत करते है, जिससे उनका विश्लेषण या निर्वचन हो सके।

Accounting एक विशेष प्रमुख से संबंधित सभी लेनदेन को क्रमबद्व करता है। Account या खाता किसी भी व्यक्ति या चीज़ से संबंधित लेनदेन के सारांश रिकॉर्ड को दर्शाता है। उदाहरण स्वरूप: जब कोई एंटिटी अलग अलग suppliers और consumers के साथ लेनदेन करती है, तो प्रत्येक suppliers और consumers एक अलग खाता होगा।

खाता tangible तथा intangible किसी भी चीजों से संबंधित हो सकता है जैसे की – ज़मीन, बिल्डिंग्स, फर्नीचर, etc. किसी खाते के बाएं हाथ को डेबिट (‘डॉ’) पक्ष कहा जाता है, जबकि दाएं हाथ को क्रेडिट (‘क्र’) पक्ष कहा जाता है।

Accounting के तीन मुख्य प्रकार What are Main Three Types of Accounting?)

Accounting तीन मुख्य प्रकार हैं:

Personal Account (व्यक्तिगत खाता)

जो account किसी भी व्यक्ति, organization, company से जुड़े होते हैं उसे Personal Account कहा जाता है। उदहारण स्वरूप, मोहन नाम के किसी इंसान का वक्तिगत खाता को कहा जायेगा personal account (eg. – मोहन का खाता। Personal account के अंतर्गत निम्नलिखित खाते आते हैं:

  • किसी व्यक्ति का account
  • Bank account
  • Capital account
  • Supplier या customer account
  • Financial और institution account
  • Drawing account
  • XYZ limited account etc.

Personal account के अन्दर वैसे सभी account आ जाते हैं जिससे हमें ये पता चलता है की किससे कितना पैसा लेना है या किसको कितना पैसा देना है। Personal Account का rule:  

  1. Debit होते है receiver.
  2. Credit होते है Giver.

Real Account (वास्तविक खाता)

Real account या वास्तविक खाता वो है जो वस्तु या संपत्ति से related होते हैं। वास्तविक खता के ज़रिये assets (goods and services) और liabilities यानि ऋण या कर्जा से जुड़े जानकारी मिलती है। Real account निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:

Tangible Real Accounts:

इनमें ऐसी संपत्तियां शामिल हैं जिनका भौतिक अस्तित्व है और जिन्हें छुआ जा सकता है। उदाहरण के लिए –

  • Land account
  • Building account
  • Machinery account
  • Furniture account
  • Vehicles account

Intangible Real Accounts:

इन परिसंपत्तियों का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है और इन्हें छुआ नहीं जा सकता है। हालाँकि, इन्हें पैसों के मामले में मापा जा सकता है और इनका मूल्य हो सकता है। उदाहरण के लिए – 

  • Goodwill account
  • Patent account
  • Copyright account
  • Trademark account etc.

Real Account का rule:

  1. Debit है जो व्यवसाय में आता है।
  2. Credit है जो व्यापार से बाहर चला जाता है।

Nominal Account (नाममात्र का खाता)

Nominal Account में आय (income) और खर्च (expenses) के बारे में जानकारी मिलता है। Nominal Account हमारी लाभ या हानि से जुडी information को रखता है। 

Nominal Account का rule:

  1. Debit है व्यवसाय के सभी खर्चें और नुक्सान
  2. Credit है व्यवसाय की आय और लाभ

Nominal account निम्न प्रकार के होते हैं:

  • Discount account
  • Salary account 
  • Purchase account
  • Interest account
  • Wages account
  • Commission pay or receive account
  • Sales account etc
  • Insurance account

इन तीन accounts के अलावा कुछ और प्रकार है:

  • Cash Account:

इस खाते का उपयोग नकद, निकासी और जमा द्वारा किए गए भुगतानों के रिकॉर्ड रखने के लिए किया जाता है।

  • Income Account:

इस खाते का उद्देश्य व्यवसाय के आय स्रोतों का रिकॉर्ड रखना है।

  • Expense Account:

यह खाता व्यवसाय के व्यय को ट्रैक करता है।

  • Liabilities Account:

यदि कोई ऋण या कर्ज है तो वह राशि liabilities के अंतर्गत आती है।

  • Equity Account:

यदि खाते के मालिक या सामान्य शेयरों का निवेश है, तो कमाई को बनाए रखा जाता है, फिर ये Equity के अंतर्गत आते हैं।

Accounting के कुछ विशेष terms (Important terms used in accounting)

Accounting के कुछ विशेष terms को समझना व्यापारियों के लिए ज़रूरी है जैसे के:

1. Accounts Payable (AP)

इसमें उन सभी खर्चों को शामिल किया जाता है जो एक व्यवसाय में हुआ है लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया है। ये Account बैलेंस शीट पर Liability के रूप में दर्ज किया जाता है क्योंकि यह company द्वारा बकाया ऋण है।

2. Accounts Receivable (AR)

इसमें एक कंपनी द्वारा प्रदान किए गए सभी बिक्री शामिल हैं, लेकिन अभी तक भुगतान एकत्र नहीं किया गया है। यह खाता एक बैलेंस शीट पर है, जिसे एक asset के रूप में दर्ज किया गया है जो आनेवाले कुछ दिनों में नकदी में परिवर्तित हो जाएगी।

3. Accrued Expense 

ऐसा व्यय जो भुगतान नहीं किया गया है, लेकिन Accrued Expense शब्द से वर्णित है।

4. Asset (A)

कंपनी के पास कुछ भी है जिसका मौद्रिक मूल्य है। ये नकदी (सबसे अधिक liquid cash) से लेकर भूमि (कम से कम liquid cash) तक liquidity के क्रम में सूचीबद्ध हैं।

5. Balance Sheet (BS)

एक financial statement जो किसी company की सभी asset, liability और equity पर report करता है। इसे एक बैलेंस शीट समीकरण द्वारा तय किया जा सकता है-

<Assets = Liabilities + Equity>.

6. Book Value (BV) 

जैसे ही किसी संपत्ति का मूल्यह्रास या मूल्य कम किया जाता है, वह मूल्य खो देता है। बुक वैल्यू एक एसेट के मूल मूल्य को दर्शाता है।

7. Equity (E)

Liabilities को हटाए जाने के बाद equity बचे मूल्य को दर्शाता है। इसकी Equation को याद करें – Assets = Liabilities + Equity। अगर आप अपने assets लेते हैं और अपनी Liabilities को घटाते हैं, तो आपको equity के साथ छोड़ दिया जाता है, जो कि company का हिस्सा है जिसका दावेदार है investors और owners।

8. Inventory 

Inventory एक ऐसी शब्द है जो company द्वारा इस्तेमाल होते है अपने खरीदी गई संपत्ति को वर्गीकृत करने के लिए और ग्राहकों को बेचने के लिए जो बिना बिके रह जाते हैं। ये आइटम ग्राहकों को बेचे जाते ही इन्वेंट्री अकाउंट कम हो जाएगा।

9. Liability (L)

कंपनी द्वारा अभी तक भुगतान किए गए सभी ऋणों को liabilities के रूप में संदर्भित किया जाता है। Common liabilities में Payable, Payroll, and Loans शामिल हैं।

10. Expense (Cost)

व्यापार द्वारा की गई कोई भी लागत Expense है।

11. Cost of Goods Sold

माल की उत्पाद या सेवा से जुडी खर्चों को कॉस्ट ऑफ़ गुड्स सोल्ड कहा जाता है। इस श्रेणी में शामिल नहीं वे लागतें हैं जिन्हें व्यवसाय चलाने के लिए आवश्यक है।

12. Gross Margin (GM)

Gross profit लेने और उसी अवधि के लिए Revenue द्वारा विभाजित करके गणना की गई एक percentage को Gross Margin कहा जाता है। ये गुड्स सोल्ड की लागत में कटौती के बाद एक कंपनी की profitability दिखाता है।

13. Gross Profit (GP)

Gross Profit एक कंपनी की profitability को इंगित करता है, बिना overhead खर्चों को ध्यान में रखे। ये उसी अवधि के लिए Cost of Goods Sold की लागत को घटाकर गणना की जाती है।

14. Net Income (NI)

Net Income एक ऐसी amount है जो profit से कमाया गया ho। ye calculated किया जाता है Revenue से us प्रावधान तक के sare Expenses जैसे के COGS, Overhead, Depreciation, and Taxes आदि को subtract करके।

15. Net Margin

Net Margin वो राशि है जो किसी company के revenue से related लाभ को दर्शाती है। इसकी calculation नेट आय लेने और एक निश्चित अवधि के लिए revenue से divide करके की जाती है।

16. Revenue (Sales) (Rev)

Revenue व्यवसाय द्वारा अर्जित कोई भी धन है।

Accounting के फायदें (Benefits of accounting):

1. व्यक्ति द्वारा सभी बातों को स्मरण रखना मुश्किल है और इससे गलतियां होने की संभानाएं भी बढ़ जाते है। व्यापार में रोज़ाना हज़ारों सैकड़ों लेन-देन होते हैं, कईं चीज़ों का सौदा होता है। ये नकद और उधार दोनों हो सकते हैं। मजदूरी, वेतन, कमीशन, etc. रूप में भुगतान होते हैं। इन सभी को याद रखना संभव नहीं  है। Accounting इस आभाव को दूर करता है।

2. Accounting business से जुडी बहुत सारि खबरें हम तक आसानी से पहुँचता है जैसे के:

  • Profit और loss की जानकारी
  • उधार-बाकि की जानकारी
  • assets तथा loan की जानकारी
  • business के turnover, economic conditions etc. की जानकारी

3. पैसों के लेनदेन प्रक्रिया में दूसरी व्यापारियों से पेमेंट से जुडी समस्या आने पर लेखांकन अभिलेखों को न्यायालय में प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

4. कर्मचारियों के salary, bonus, भत्ते, etc से संबंधित समस्याओं के calculation में मदद मिलती है


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